अधर्म पर धर्म की जीत की खुशी में मनाया जाता रंगो का यह त्योहार – राकेश भार्गव

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अधर्म पर धर्म की जीत की खुशी में मनाया जाता रंगो का यह त्योहार - राकेश भार्गव
अधर्म पर धर्म की जीत की खुशी में मनाया जाता रंगो का यह त्योहार - राकेश भार्गव

Kapurthala(Gaurav Maria):शहर के समाज सेविओ की और से हर साल की तरह इस साल भी होलिका दहन का त्योहार श्रद्धा और धूमधाम के साथ स्थानिक प्रीत नगर मनाया गया।इस मौके पूजा की रस्म मक्खण लाल भार्गव,जगदीश प्रसाद जोल,प्रकाश प्रियाल ने सभी साथियों समेत सम्पन्न की।जब कि पूजा की रस्म उपरांत रात को होलिका दहन की रस्म अदा की गई।उसके बाद रंगों का त्योहार रंग बिरंगे गुलाल से बढ़े बुजर्ग बच्चों ने रंग खेल कर खुशी जताई।इस अवसर पर शिव सेना पंजाब के उत्तर भारत के युवा चेयरमैन राकेश भार्गव ने बताया की यह परंपरा सतयुग से लेकर आज तक निरंतर चल रही है। यह त्योहार सनातन धर्म का एक सबसे महत्वपूर्ण त्यौहार है।भार्गव ने बताया की यह होली का त्यौहार की परंपरा सतयुग के उस समय से आरंभ हुआ जब पृथ्वी पर हरणकशप नामक राक्षस का प्रभाव इतना बढ़ चुका था की वह समस्त लोगो का मालिक सर्वसर्वा ईश्वर अपने आप को समझने लगा था और समस्त मानव जाति पर जुल्म करने की सबका भगवान में हूं जो मेरी भक्ति नहीं करेगा में उसे मार दूंगा समस्त पृथ्वी के लोग भयभीत होने लगे डर के मारे सभी उसी को मानने लगे पर हरणक्षप का पुत्र भगत पहलाद परमपिता श्री हरि की भक्ति करता था और अपने पिता की एक नही ओर कहा पिता जी आप ईश्वर नहीं भगवान श्री हरि सबके ईश्वर है जिन्होंने सारी सृष्टि बनाई है।इतने कहने पर हरनाक्षप क्रोधित हो उठा और अपने पुत्र को मारने के षड्यंत्र करने लगा पर विफल हो गया और एक दिन अपनी बहन होलिका को प्रलाहद को मारने भेजा क्योंकि होलिका को वरदान था की उसे अग्नि नही जला सकती इसलिए हारना कष्प ने अपनी बहन होलिका को पहलाद को जल्दी आग में लेकर बैठने को कहा और होलिका पहलाद भगत को लकड़ी के बढ़े ढेर में लेकर बैठ गई और जब रक्षशों ने लकड़ी को आग लगाई तो प्रलाहद भगत श्री हरी का ध्यान करने लगे और दूसरी तरफ होलिका जोर जोर हसने लगी तप तपा ती आग प्रल्हाद भगत का कुछ नही बिगाड़ सकी और होलिका का वरदान उसको उल्टा पड़ ओर हल्का जल कर राख हो गई।तब से लेकर आज तक होलिका दहन किया जाता है और यह परंपरा आज तक जारी है।अधर्म पर धर्म की विजय आसुरी शक्ति पर ईश्वर की शक्ति की जीत हुई।इस अवसर पर पंडित रमन कुमार,ओमप्रकाश,सतीश जोल,रमेश परियाल,बिल्लू,विनोद कुमार,रणजीत कुमार,संजीव कुमार,सुरेश गोरिया,विनोद गोरियल,जितेंद्र शास्त्री,सतीश भार्गव,राकेश कुमार,दिनेश भार्गव,दीपक जोल,विशाल जोल,गणेश,कर्ण शर्मा,मनीष कुमार,विकास कुमार,विशाल जोल,अजय जोल,मोहित शर्मा,शुभम,रौनक,सोनू शर्मा,सोनू भार्गव,रोहित,साहिल भार्गव,जतिन,निंदर, दीपू,गौरव शर्मा आदि उपस्थित थे।

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