तकनीकी शिक्षा विभाग ने उद्योग जगत की पहली अकादमिक मीट करवाई

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तकनीकी शिक्षा विभाग ने उद्योग जगत की पहली अकादमिक मीट करवाई
तकनीकी शिक्षा विभाग ने उद्योग जगत की पहली अकादमिक मीट करवाई

Chandigarh(Shubham Garg):उद्योग और अकादमियाँ के दरमियान तालमेल को और बेहतर बनाने के मद्देनज़र तकनीकी शिक्षा और औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग की तरफ से उद्योग जगत की पहली अकादमिक मीट-2022 करवाई गई।
बीती शाम हुई मीटिंग की अध्यक्षता करते हुये तकनीकी शिक्षा के प्रमुख सचिव राहुल भंडारी ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के निर्देशों पर यह निवेकली पहल उद्योगों और अकादमियाँ के दरमियान तालमेल पैदा करने के लिए बहुत सहायक सिद्ध होगी, जिससे हमारे नौजवानों को कुशल बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा प्रदान की जा सकेगी और उनको विश्व भर में बेहतर रोज़गार मुहैया करवाया जा सकेगा। इसके इलावा यह पहलकदमी कौशल के अंतर को भरने करने में भी मदद करेगी।
इस पहली मीटिंग की महत्ता को उजागर करते हुये तकनीकी शिक्षा विभाग के डायरैक्टर डी.पी.एस. खरबन्दा ने कहा कि राज्य में युवाओं को रोज़गार योग्य बनाने के लिए तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उद्योगों और अकादमियाँ को मिलकर काम करना होगा जिससे पुराने कोर्सों और पाठक्रमों को उद्योगों की ज़रूरतों ख़ास कर स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार तबदील किया जा सके।
मीटिंग में 50 से अधिक प्रमुख औद्योगिक ऐसोसीएशनों/उद्योगपतियों ने सम्मिलन किया। इस मौके पर सी.आई.सी.यू के चेयरमैन उपकार सिंह आहूजा, मोहाली इंडस्ट्री ऐसोसीएशन के चेयरमैन अनुराग अग्रवाल, विश्वकर्मा इंडस्ट्रीज के ऐम.डी. सी.ऐस. विश्वकर्मा, चीमा बॉलरज़ के चेयरमैन ऐच.ऐस. चीमा, जालंधर आटो पार्टस मैनुफ़ेक्चरिंग ऐसोसीएशन के सचिव तुषार जैन, यूसीपीऐमए के प्रधान डी.ऐस. चावला, निटवियर क्लब लुधियाना से विनोद थापर, सिलाई मशीन क्लब लुधियाना से जगबीर सिंह सोख के इलावा स्वराज इंजन, गोएज़ट इंडिया फीकी, सीआईआई, ऐसोचैम आदि के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
इनके इलावा, पोलिटेक्निक और आई.टी.आईज़ के प्रिंसिपल ने भी पास हो चुके कुछ विद्यार्थियों के साथ मीटिंग में शिरकत की और उनकी सफलता की कहानियाँ और उद्योग से उनकी उम्मीदों को उजागर किया। मीटिंग का मकसद उद्योग के द्वारा युवाओं को कुशल बनाने में मदद करना है जिससे उनको आसानी से रोज़गार मुहैया करवाया जा सके। इससे पहले कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर लगातार काफ़ी खर्च आते थे, इसलिए मीटिंग का उद्देश्य उद्योगों में प्रशिक्षण को किफ़ायती बनाता है। यह सांझे तौर पर फ़ैसला किया गया कि पुराने तकनीकी पाठ्यक्रमों को चरणबद्ध ढंग से ख़त्म किया जायेगा और उद्योग की माँग अनुसार नये पाठ्यक्रम /प्रशिक्षण प्रोग्राम शुरू किये जाएंगे।
ज़िक्रयोग्य है कि तकनीकी शिक्षा विभाग उद्योगों को प्रति साल 70,000 से अधिक कुशल स्टाफ प्रदान कर रहा है। इसके साथ ही विभाग की तरफ से नयी मोबाइल एप लांच की जा रही है जिससे योग्य उम्मीदवारों की खोज के लिए रोज़गारदाताओं को विद्यार्थियों का डाटा उपलब्ध करवाया जायेगा। एक क्लिक से उद्योग को इंस्टीट्यूट में कुशल युवाओं की महारत के साथ-साथ उनकी संख्या पता लग जायेगी। उद्योगों ने विद्यार्थी प्रशिक्षण प्रक्रिया और मोबाइल एप में उद्योगों को शाहमल करने की इस नयी पहलकदमी के लिए विभाग का धन्यवाद किया जो राज्य भर में बेरोज़गारी और उद्योगों में स्टाफ की कमी की समस्या को हल करने में सहायक सिद्ध होगा।

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