चुनाव दौरान काले धन के प्रयोग को रोकने के लिए इनकम टैक्स विभाग की तरफ से पुख़्ता प्रबंध

0
150
पंजाब में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद 313.44 करोड़ रुपए कीमत की संपत्ति की गई ज़ब्त: मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब
पंजाब में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद 313.44 करोड़ रुपए कीमत की संपत्ति की गई ज़ब्त: मुख्य निर्वाचन अधिकारी पंजाब

Jalandhar(S.K Verma):

भारतीय चुनाव आयोग के आदेशों अनुसार इनकम टैक्स विभाग के डायरैक्टोरेट आफ इन्वेस्टिगेशन ने पंजाब विधान सभा चुनाव दौरान काले धन के प्रयोग को रोकने के लिए पुख़्ता प्रबंध किए है।इनकम टैक्स विभाग के एक वक्ता ने इस सम्बन्धित और जानकारी देते हुए बताया कि विभाग के डायरैक्टोरेट आफ इन्वेस्टिगेशन की तरफ से जालंधर में एक 24X7 कंट्रोल रूम स्थापित करके टोल फ्री नंबर 1800 -345 -1545 जारी किया गया है। इस कंट्रोल रूम पर लोक नगदी या अन्य़ कीमती वस्तुओं, जिसका प्रयोग चुनाव प्रक्रिया को अनुउचित तौर पर प्रभावित करने के लिए किया जा सकता है, के साथ सम्बन्धित विशेष जानकारी या शिकायत कर सकते है। कंट्रोल रूम पर काल या शिकायत करने वालों की पहचान गुप्त रखी जाएगी।वक्ता ने आगे बताया कि विभाग की तरफ से अलग -अलग जिलों के साथ सम्बन्धित शिकायतों पर कार्यवाही करने के लिए टीमें लगाई गई, जिनमें 80 अधिकारी और इंस्पेक्टर तैनात किये गए है। इन टीमों की तरफ से सूचना और तथ्यों की प्रामाणिकता के आधार पर और पूछताछ उपरांत बनते मामलों में नगदी ज़ब्त करने आदि के बारे में कानून अनुसार कार्यवाही की जाएगी। यह टीमें ज़िला चुनाव अधिकारियों और जिलें में स्थापित कंट्रोल रूम के साथ-साथ ज़िला स्तर पर अन्य एजेंसियों के साथ भी तालमेल बना कर काम करेंगी। इसी तरह चुनाव प्रक्रिया दौरान असीमित नगदी के प्रबंधन में शामिल होने की संभावना वाले व्यक्तियों, स्थानों और गतिविधियों पर भी कडी नज़र रखी जा रही है।


पंजाब के हवाई अड्डों और राज्य के लिए व्यापारिक उड़ान वाले हवाई अड्डों पर एयर इंटेलिजेंस यूनिट (ए.आई.यू) लगातार निगरानी रख रहे है। यह ईकाईंया हवाई सफ़र के द्वारा नगदी लाने –ले जाने पर नज़र रख रहे है। इसी तरह रेल सफ़र के द्वारा भी नगदी आदि की आवाजाही पर रेलवे आधिकारियों के साथ तालमेल करके निगरानी रखी जा रही है। वक्ता ने बताया कि टीमों की तरफ से रकमों के संदिग्ध लेन -देन की पहचान करके उचित कार्यवाही की जाएगी। वक्ता ने बताने से कि डायरैक्टोरेट उम्मीदवारों की सम्पत्तियां और देनदारियों की घोषणा करने वाले हलफ़नामों की भी जांच करेगा और यदि इसके साथ सम्बन्धित जानकारी को छुपाया जाता है तो चुनाव आयोग को रिपोर्ट की जायेगी। इसी तरह यदि उम्मीदवारों की तरफ से चुनाव खर्च के संबंध में कोई भी आपतिजनक जानकारी एकत्रि की जाती है तो उसकी रिपोर्ट भी चुनाव आयोग को दी जायेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here