पंजाब की गरिमा बहाल करने के लिए एनडीए के लिए मांगा समर्थन; पहली वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए

0
128
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुओं सेवा और बलिदान की शिक्षाओं का पालन करने का आह्वान किया
प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुओं सेवा और बलिदान की शिक्षाओं का पालन करने का आह्वान किया

Chandigarh(Sourabh Mittal):

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पंजाब के खो चुके समान को दोबारा कायम करने के लिए पंजाबियों से भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन को वोट और समर्थन देने की अपील की है और राज्य में डबल इंजन की सरकार लाने की जरूरत पर बल दिया है। उन्होंने हर पंजाबी के कल्याण के लिए गुरुओं की सेवा और बलिदान की शिक्षाओं का पालन करने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एनडीए के पास पंजाब की प्रगति के लिए एक विशेष दृष्टि है और उन्होंने राज्य के लोगों, विशेषकर युवाओं को “सबका साथ, सबका विकास” के लिए गठबंधन के हक में मतदान करके इस प्रगति का हिस्सा बनने के लिए कहा।

लुधियाना और फतेहगढ़ साहिब के दो संसदीय क्षेत्रों के लिए पहली वर्चुअल रैली को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री ने पंजाबी में अपना संबोधन शुरू किया।  उन्होंने कहा कि वह खुद को भाग्यशाली मानते हैं कि दोनों छोटे साहिबजादों, साहिबजादा जोरावर सिंह जी और साहिबजादा फतेह सिंह जी की महान शहादत को सम्मान देने का अवसर मिला।  प्रधानमंत्री ने पिछले महीने 26 दिसंबर को उनके शहादत दिवस को वीर बाल दिवस के रूप में घोषित किया था, जिसे हर साल पूरे देश में मनाया जाएगा।

प्रधानमंत्री, कांग्रेस पर सिख विरोधी होने के लिए बरसे।  उन्होंने कहा कि 1984 में सिखों के नरसंहार के लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार थी, जबकि भाजपा ने इन अपराधियों को दंडित किया। उन्होंने कांग्रेस पर पंजाब को आतंकवाद की ओर धकेलने का आरोप लगाया।

उन्होंने पंजाबियों के साहस, प्रतिभा और औद्योगिक कौशल की सराहना की और कहा कि जब तक पंजाब मजबूत है, भारत मजबूत है और एनडीए सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पंजाब हमेशा सभी क्षेत्रों में मजबूत रहे और आगे बना रहे। उन्होंने पूरे देश का पेट भरने वाले पंजाबी किसानों की भी सराहना की।

उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का गर्व है कि पिछले सात वर्षों में एनडीए सरकार ने पंजाब के किसानों को धान के लिए 2.25 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया था, जो यूपीए सरकार के सात वर्षों में केवल 1 लाख करोड़ रुपये था।  इसी तरह, इसी अवधि के दौरान किसानों को गेहूं के लिए 1.6 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जो कि यूपीए से दोगुने से भी अधिक है।

प्रधानमंत्री मोदी ने पंजाब की अर्थव्यवस्था में गिरावट पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि एक राज्य जो बाहरी लोगों को रोजगार देता था, अब उसके युवा नौकरी के लिए बाहर जा रहे हैं।  उन्होंने घोषणा की कि एनडीए सरकार मंडी गोबिंदगढ़ में स्टील उद्योग को पुनर्जीवित करने और लुधियाना में कपड़ा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए विशेष ध्यान देगी।

पंजाब के एजेंडे का खुलासा करते हुए उन्होंने कहा कि एनडीए ने पंजाब में बुनियादी विकास के लिए एक लाख करोड़ रुपये निर्धारित किए हैं।  वह राशि जो अगले पांच वर्षों में खर्च की जाएगी।

इसके अलावा, एनडीए सरकार पहले ही अमृतसर में इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट और बठिंडा में ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ़ मेडिकल साइंसेज स्थापित किए जा चुके हैं।  उन्होंने कहा कि दिल्ली-अमृतसर-कटरा हाईवे भी पंजाब से चलेगा जिस पर 40 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

पंजाब में नशे की समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने पंजाब को नशा मुक्त बनाने का वादा किया।  उन्होंने पंजाब की महिलाओं “माताओं, बहनों और बेटियों” के लिए एक विशेष संदेश में कहा कि वह नशीली दवाओं के कोहड़ के दर्द को समझती हैं और वादा किया है कि इस कोहड़ को राज्य से मिटा दिया जाएगा।

आम आदमी पार्टी का जिक्र करते हुए, जिसकी सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी में और यहां तक कि स्कूलों के बाहर भी बड़ी संख्या में शराब की दुकानें खोली हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पंजाब से के खात्मे के दावे कर रहे हैं, उन्होंने दिल्ली को ही इस समस्या को धकेल दिया है।

प्रधानमंत्री ने एक विशेष बॉर्डर एरिया विकास अथॉरिटी स्थापित करने का भी वादा किया, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने और बुनियादी ढांचे के विकास पर काम करेगा, जिसे हमेशा अनदेखा किया गया है।

उन्होंने घोषणा की कि एनडीए सरकार आतंकवाद के काले दिनों से पीड़ित आतंकवाद के पीड़ितों के कल्याण के लिए सिफारिशें करने के लिए पंजाब में एक आयोग का गठन करेगी।

प्रधानमंत्री ने पंजाब के लोगों को कुछ पार्टियों द्वारा किए जा रहे वादों और मीठी-मीठी बातों के खिलाफ आगाह किया।  उन्होंने कहा कि पंजाब को झूठे वादों की नहीं, बल्कि डबल इंजन वाली सरकार की जरूरत है जो केंद्र और राज्य के बीच घनिष्ठ सहयोग से काम करेगी ताकि सबका साथ, सबका विकास के नारे के तहत सभी का कल्याण सुनिश्चित किया जा सके।

प्रधानमंत्री ने सवाल किया कि क्या ये चुनाव सरकार, मुख्यमंत्री, मंत्रियों या विधायकों को बदलने के लिए हो रहे हैं, उन्होंने कहा नहीं, यह चुनाव पंजाब के विकास को तेज करने और इसे एक बार फिर से तरक्की के मार्ग पर ले जाने के लिए हो रहे हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here