आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए स्थायी विकास के लक्ष्य पर चलने की जरुरत- वर्मा

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आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए स्थायी विकास के लक्ष्य पर चलने की जरुरत- वर्मा
आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए स्थायी विकास के लक्ष्य पर चलने की जरुरत- वर्मा

Kapurthala(Gaurav Maria):

पुष्पा गुजराल साइंस सिटी की ओर से स्थायी विकास के लक्ष्यों, रवैया, हुनर व ज्ञान प्रोग्राम (एसडीजी- एएसके) पर डिजिटल मोड के जरिए एक प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसमें पंजाब की अलग-अलग विद्ययक संस्थाओं से 100 के करीब अध्यापकों व स्कूल प्रभारियों ने भाग लिया। इस मौके यूनाईटिड नेशन डिवेल्पमेंट प्रोग्राम के उत्तरी भारत के क्षेत्रीय प्रभारी विकास वर्मा मुख्य प्रवक्ता के तौर पर उपस्थित हुए। उन्होंने स्थायी विकास के लक्ष्य 2030 पंजाब की स्थिति व मौकों पर विशेष जानकारी दी।


उन्होंने कहा कि स्थायी विकास के लक्ष्य व एजेंडा 2030 बहुत जरुरी है। क्योंकि यह सामाजिक, वातावरण व विकास की चुनौतियों से निपटने के लिए विश्व स्तर पर एक हाशिया अर्थात फ्रेमवर्क देते है। उन्होंने स्थायी विकास के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र 2030 का एजेंडा भविष्य के लिए एक उम्मीद है और यह पूरी सरकार व पूरे लोगों पर केंद्रित है। कोविड महामारी ने हमें यह सिखाया है कि यदि हम अपनी आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहते है तो हमें स्थायी विकास के लक्ष्यों को पूरा करना होगा। नीति आयोग के सूचक अंक के अनुसार पंजाब की कार्यगुजारी में लगातार सुधार हो रहा है। इस प्रदर्शन को बनाए रखने व सुधारन में राज्य के नौजवानों की अहम भूमिका है। उन्होंने साइंस सिटी की ओर से 2022 के दौरान पूरा साल चलने वाले इस खोज भरपूर को समय पर शुरु करने पर बधाई दी।


साइंस सिटी की डायरेक्टर जनरल डा.नीलिमा जेरथ ने अध्यापकों व स्कूल प्रभारियों का स्वागत करते हुए कहा कि धरती व इसके लोगों की उन्नति व तरक्की के लिए स्थायी विकास बहुत जरुरी है। पूरी दुनिया इस समय बहुत सी चुनौतियों का सामना कर रही है। हरियाली, शांति व ग्रहों की बराबरी के लिए टिकाऊ विकास के 17 लक्ष्य निर्धारित किए गए है और सभी सरकारों ने इनसे सहमत है। स्थायी विकास के यह लक्ष्य 2030 तक प्राप्त किए जाएंगे।


उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि साइंस सिटी की ओर से चयनित सरकारी व प्राइवेट स्कूलों में एसडीजी क्लब बनाए जा रहे है। इन क्लबों के जरिए स्कूली बच्चों का ध्यान स्थायी विकास के लक्ष्यों पर केंद्रित करने हेतू पूरा साल इन स्कूलों के प्रोग्राम तैयार किए गए है। इन प्रोग्रामों का उद्देश्य स्थिरता की धरना को समझाने के साथ-साथ बड़ी तस्वीर को देखना व जागरुकता पैदा करना है। साइंस सिटी की ओर से स्थायी विकास शिक्षा को उत्साहित करने के लिए अलग-अलग प्रोग्रामों के जरिए हर स्तर पर प्रयत्न किए जा रहे है।


रिसोर्स मोबिलाइजेशन व पार्टिशन एसडीजी कोआर्डीनेटर सेंटर पंजाब की प्रभारी नंदित्ता माथुर ने बताया कि पंजाब विजन दस्तावेज 2030 में स्थायी विकास के लक्ष्यों को चार थम में बांटा गया है। जोकि लोक भलाई, सभी सेंटरों के विकास क पुनर्जीवित करने, शांति बनाए रखने, परेशानी खत्म करने व भ्रष्टाचार मुक्त शासन के लिए दरपेश चुनौतियों को हल करने में अहम भूमिका निभाते है। उन्होंने कहा कि नागरिकों की भलाई के लिए गरीब, भूखमरी, रोजी रोटी, आसरा समेत सम्मानजनक जीवन आदि चुनौतियों की पहचान की गई है।


साइंस सिटी के डिप्टी जनरल मैनेजर (मार्किटिंग व पब्लिक रिलेशन) शीरज बाितश ने उपस्थित स्कूल प्रभारियों व अध्यापकों को जानकारी देते हुए कहा कि टिकाऊ विकास के लक्ष्य गरीबी के खात्में, धरती की रक्षा के लिए सभी देशों की एक व्यापक योजना है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए निजी क्षेत्रों, इनके स्त्रोतों के नवीनीकरण की समर्था लामबंद करना बेहद जरुरी है। इन लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए दरपेश चुनौतियों को दूर करने में नौजवान वर्ग, समाज सेवी संस्थाओं, सिविल सोसायटियों व मीडिया की बहुत अहम भूमिका है।

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