जी.आई.एस. आधारित आई.आर.ए.डी. शुरू करने वाला देश का पहला राज्य बना पंजाब

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परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा पंजाब में एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस प्रोजैक्ट की शुरूआत
परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर द्वारा पंजाब में एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस प्रोजैक्ट की शुरूआत

Chandigarh(Shubham Garg):

पंजाब में सड़कीय हादसों और मौत दर को बिल्कुल घटाने के उद्देश्य से पंजाब के परिवहन मंत्री स. लालजीत सिंह भुल्लर ने आज राज्य में एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस (आई.आर.ए.डी.) प्रोजैक्ट की शुरुआत की जिससे पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहाँ सड़कीय हादसों को घटाने, सड़कीय बनावट में सुधार करने और ज़्यादा हादसे वाले स्थानों की शिनाख़्त करने के लिए जी.आई.एस. आधारित प्रौद्यौगिकी से लैस आई.आर.ए.डी. शुरू किया गया है।


पंजाब भवन में करवाए गए संक्षिप्त समागम के दौरान परिवहन मंत्री स. लालजीत सिंह भुल्लर ने राज्य के लोक निर्माण विभाग (बी.ऐंड.आर), नेशनल हाईवेज़, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, नेशनल हाईवेज़ अथॉरिटी ऑफ इंडिया और पंजाब मंडी बोर्ड से सम्बन्धित अंतर-विभागीय मोबाइल एप्लीकेशन आधारित प्रोजैक्ट की शुरुआत करने के उपरांत कहा कि राज्य में प्रति दिन 10 से 12 मौत हो रही हैं, जो देश में प्रति दिन हो रही 8 से 9 मौतों से अधिक है। उन्होंने कहा कि सड़क हादसे में जा रही एक-एक मौत दुःखदायी है और मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार सड़कीय मौत दर को बिल्कुल कम करने के लिए वचनबद्ध है।


स. भुल्लर ने बताया कि सात प्रमुख राज्यों पंजाब, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में आई.आर.ए.डी. प्रोजैक्ट की शुरुआत की गई है परन्तु पंजाब इस प्रोजैक्ट में एडवांस प्रौद्यौगिकी बरतने वाला पहला राज्य बन गया है और जहाँ आई.आर.ए.डी. को पुलिस स्टेशन की सीमाओं के साथ जी.आई.एस. मैपस के द्वारा जोड़ा गया है।
उन्होंने बताया कि इस प्रोजैक्ट का मुख्य मकसद राज्यों और देश के हर हिस्से से दुर्घटना डाटाबेस तैयार करने के लिए इंटीग्रेटिड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आई.आर.ए.डी.) तैयार करना है। इस प्रोजैक्ट के तहत डाटा विश्लेषण तकनीकों को लागू करके देश भर में इकठ्ठा किये सड़कीय दुर्घटनाओं के आंकड़ों का विश्लेषण करके अलग-अलग किस्मों के सुझाव दिए जाएंगे।
समागम के दौरान प्रमुख सचिव परिवहन श्री के. सिवा प्रसाद, डायरैक्टर जनरल लीड एजेंसी श्री आर. वेंकट रत्नम् और ए.डी.जी.पी. (ट्रैफ़िक) श्री ए.एस. राय समेत कई अधिकारी मौजूद थे।


पंजाब के स्कूलों के नज़दीक सभी वाहनों के लिए स्पीड सीमा 25 किलोमीटर प्रति घंटा निर्धारित
इस दौरान परिवहन मंत्री स. लालजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पंजाब सरकार ने राज्य के विद्यार्थियों की सुरक्षा को यकीनी बनाते हुए सभी वाहनों के लिए स्कूलों के नज़दीक पहली बार स्पीड की उच्च सीमा निर्धारित की है। उन्होंने बताया कि सभी वाहन स्कूलों के नज़दीक स्पीड सीमा 25 किलोमीटर प्रति घंटा रखेंगे जिस सम्बन्धी नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। उन्होंने ट्रैफ़िक पुलिस के अधिकारियों को भी हिदायत की कि वह यातायात कंट्रोल करते समय यकीनी बनाएं कि ड्राइवर स्कूलों के नज़दीक सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
उन्होंने लोगों को भी विशेष के तौर पर अपील की कि विदेशों में स्कूल बसों को पहल दी जाती है और अगर हम चाहते हैं कि विदेशों की बराबरी करें तो हमें भी अपनी ज़िम्मेदारी निभानी पड़ेगी और विद्यार्थियों के सड़क पार करते या स्कूल बसों के आने-जाने के समय निर्धारित गति के मुताबिक अपना वाहन चलाऐं या रोक लें।


कैसे काम करेगा प्रोजैक्ट?


एकीकृत सड़क दुर्घटना डाटाबेस (आई.आर.ए.डी.) सिस्टम मोबाइल ऐपलीकेशन के साथ शुरू होता है, जिससे पुलिस कर्मचारी तस्वीरों और वीडियो के साथ सड़क दुर्घटना संबंधी विवरण दर्ज करने के योग्य होंगे, जिससे घटना सम्बन्धी एक विलक्षण आई.डी. बन जायेगी। इसके उपरांत लोक निर्माण विभाग या स्थानीय निकाय विभाग के इंजीनियर को उसके मोबाइल पर एक अलर्ट प्राप्त होगा और वह दुर्घटना वाले स्थान का दौरा करेगा, दुर्घटना का निरीक्षण करेगा और ज़रुरी विवरणों जैसे सड़क की बनावट आदि को एप्लीकेशन में दर्ज करेगा। इसके बाद एकत्रित विवरणों का विश्लेषण आई.आई.टी-मद्रास की टीम द्वारा किया जायेगा, जो सुझाव देगी कि सड़क की बनावट में किन सुधारात्मक उपायों की ज़रूरत है।
आई.आर.ए.डी. को नेशनल डिजिटल व्हीकल रजिस्टरी ‘‘वाहन’’ और ड्राइवर डाटाबेस ‘‘सारथी’’ के साथ जोड़ने के साथ-साथ पंजाब पुलिस द्वारा इस्तेमाल किये जाते क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नैटवर्क एंड सिस्टम (सी.सी.टी.एन.एस.) के साथ जोड़ा गया है।


बता दें कि पंजाब के पुलिस, लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के सभी नोडल अधिकारियों ने इस प्रोजैक्ट को चलाने के लिए प्रशिक्षण मुकम्मल कर लिया है। पुलिस स्टेशन स्तर के कुल 310 जांच अधिकारियों ने पहले पड़ाव में आई.आर.ए.डी. के लागूकरण सम्बन्धी प्रशिक्षण लिया है।
आई.आई.टी. मद्रास के प्रोफ़ैसर डॉ. वेंकटेश बालासुब्रमण्यम ने 30 मार्च, 2022 को आई.आर.ए.डी. की प्रगति का जायज़ा लेने के लिए पंजाब का दौरा किया और राज्य में आई.आर.ए.डी. को लागू करने के लिए पंजाब की प्रगति और संस्थागत प्रबंधों पर अपनी संतुष्टि ज़ाहिर की। इंटीग्रेटिड रोड एक्सीडेंट डाटाबेस (आई.आर.ए.डी.) प्रोजैक्ट सड़क यातायात और राजमार्ग मंत्रालय की पहलकदमी है। इस का उद्देश्य देश में सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाना है और इस प्रोजैक्ट के लिए विश्व बैंक द्वारा वित्तीय सहायता दी गई है। यह सिस्टम मॉनिटरिंग एंड रिपोर्टिंग डैशबोर्ड और ऐनालिस्टिक डैशबोर्ड द्वारा सुविधाजनक समझ के लिए विश्लेषणात्मक नतीजे देगा जिससे प्रमुख अथॉरिटी पूर्व अनुमान और फ़ैसले लेने के लिए नई नीतियाँ और रणनीतियां बन सकेंगी। प्रोजैक्ट का नतीजा बेहतर सड़क सुरक्षा, भाव पंजाब के साथ-साथ भारत में भी ‘‘सभी के लिए सुरक्षित सड़क’’ होगा।

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