उद्योग को अकादमिकता के साथ सहयोग करने और पंजाब में अनुसंधान और विकास सहूलतों में और निवेश करने के लिए उत्साहित किया

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उद्योग को अकादमिकता के साथ सहयोग करने और पंजाब में अनुसंधान और विकास सहूलतों में और निवेश करने के लिए उत्साहित किया
उद्योग को अकादमिकता के साथ सहयोग करने और पंजाब में अनुसंधान और विकास सहूलतों में और निवेश करने के लिए उत्साहित किया

Chandigarh(Harish Jindal):

आज मोहाली में फार्मास्यूटीकल्ज़ और कैमीकलज़ सैक्टर में उद्योग और अकादमिकता के बीच फर्क को पूरा करने संबंधी एक दिवसीय आऊटरीच और सलाह-मशवरा वर्कशाप का आयोजन किया गया। यह नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटीकल एजुकेशन एंड रिर्सच (नाइपर) में पंजाब ब्यूरो ऑफ इनवेस्टमैंट प्रमोशन (पीबीआईपी) – इनवैस्ट पंजाब द्वारा आयोजित किया गया था। 

इस वर्कशाप में मौजूद फार्मास्यूटीकल और रासायनिक क्षेत्र के उद्योगों और अकादमिक क्षेत्रों के माहिरों को संबोधन करते हुए, कैबिनेट मंत्री अनमोल गगन मान ने उद्योग को अकादमिकता के साथ सहयोग करने और पंजाब में अनुसंधान और विकास सुविधाओं में और ज्यादा निवेश करने के लिए प्रेरित किया जिससे इसको मोडरना, फाईज़र जैसी कंपनियों के साथ विश्व स्तर पर प्रतियोगी बनाया जा सके। उन्होंने उद्योग और अकादमिक के बीच मौजूदा अंतर को पूरा करने पर ज़ोर दिया।

इसके इलावा प्रमुख सचिव इनवेस्टमैंट प्रमोशन श्री दलीप कुमार ने बताया कि यह वर्कशाप पंजाब सरकार की तरफ से एक निवेकली पहल है और ऐसी वर्कशापें पंजाब की अलग-अलग संस्थाओं में नियमित तौर पर करवाई जानी चाहिए। उन्होंने अकादमियों को ऐसे प्लेटफार्मों को तैयार करने के लिए और ज्यादा सक्रिय भूमिका निभाने का न्योता दिया। इसके इलावा, सी. ई. ओ., इनवैस्ट पंजाब ने सभी उद्योग प्रतिभागियों को हाल ही में जारी ड्राफ्ट इंडस्ट्रियल एंड बिज़नस डिवैल्पमैंट पालिसी 2022 के बारे अपनी प्रतिक्रिया देने की अपील की है। 

इस इवेंट में 100 से अधिक आदरणियों ने हिस्सा लिया, जिसमें उद्योगों से 65$ प्रतिभागी और पंजाब भर के 9 प्रमुख फार्मास्यूटीकल और रासायनिक संस्थाओं के 10$ भागीदार शामिल थे, जो एक अनुकूल कारोबार और अनुसंधान बनाने के लिए उद्योग और अकादमिक के बीच मौजूदा अंतर को पूरा करने के लिए इकठ्ठा हुए थे। 

अपने स्वागती भाषण में, श्री कमल किशोर यादव, सी. ई. ओ., इनवैस्ट पंजाब ने मुख्य मेहमान अनमोल गगन मान, निवेश प्रमोशन मंत्री, और प्रमुख सचिव, निवेश परमोशन श्री दलीप कुमार का स्वागत किया। 

मंत्री की तरफ से भागीदारों का हार्दिक स्वागत करने के बाद, पंजाब में उद्योग की ज़रूरतों और उपलब्ध सहूलतों संबंधी विचार-विमर्श करने के लिए उद्योगों, अकादमिक/ पेशेवरों और सरकारी हिस्सेदारों के समूहों में इंटरऐकटिव सैशन आयोजित किये गए। 

दोपहर के सैशन में, उद्योग के अग्रणी जैसे कि डा. ए. एच. खान, वी. पी. रेगुलेटरी अफेअरज़, सन फार्मा इंडिया, श्री संजय चतुर्वेदी, सीईओ, आईओऐल कैमीकलज़ एंड फार्मा, श्री जगदीप सिंह, प्रधान, पंजाब ड्रग मैनूफैकचरर एसोसिएशन (पीडीऐमए) समेत अन्यों ने अकादमिक और सरकार से अपनी ज़रूरतें और उम्मीदें पेश की। अकादमिक क्षेत्र के अलग- अलग नुमायंदों जैसे कि प्रो. दुलाल पांडा, डायरैक्टर, नाइपर, मोहाली, डा. संजीव खोसला, डायरैक्टर, सीएसआइआर- इंस्टीट्यूट ऑफ माईक्रोबायल टैक्नोलोजी, चंडीगढ़ समेत दूसरों ने पंजाब के अकादमिक अदारों में उद्योग के लिए उपलब्ध खोज सुविधाओं को पेश किया और चर्चा की। 

दोपहर के बाद के सैशन में पंजाब में फार्मास्यूटीकल शिक्षा, प्रशिक्षण और हुनर विकास से सम्बन्धित मुद्दों पर चर्चा की गई। श्री रमेश अरोड़ा, मैनेजिंग डायरैक्टर, क्वालिटी फार्मास्यूटीकल्ज़ प्राईवेट लिमटिड, अमृतसर ने अगले 5 सालों में फार्मास्यूटीकल सैक्टर में मौकों और चुनौतियों के बारे बताया और फार्मा उद्योग के हुनरमंद कर्मचारियों की ज़रूरतों के बारे बताया। इसके इलावा, नाइपर, आइआइएसइआर और आइएनएसटी के नुमायंदों ने पंजाब में मौजूद प्रशिक्षण और हुनर विकास सामर्थ्य पर चर्चा की। सैशन उद्योग की ज़रूरतों और फार्मा शिक्षा को एकसार करने की रणनीतियों के साथ श्री मनोज शर्मा, कंट्री हैड और सी. ई. ओ., सैंटरिऐंट फार्मा और श्री सुनील देशमुख, सी. ई. ओ, इंड- स्विफट लैबज़, मोहाली द्वारा समाप्त हुआ। 

भागीदारों ने पंजाब सरकार के इस प्रयास की भरपूर प्रशंसा की और पंजाब में सैक्टर के लिए एक अनुकूल व्यापारिक और खोज माहौल बनाने के लिए उद्योग और अकादमिक के बीच किसी भी अंतर को पूरा करने के लिए पीबीआईपी द्वारा किये गए यत्नों को स्वीकार किया।

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