प्रतिबंध के बावजूद पतंगबाजी में चायना डोर हो रही उपयोग,प्रशासन खामोश

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प्रतिबंध के बावजूद पतंगबाजी में चायना डोर हो रही उपयोग,प्रशासन खामोश
प्रतिबंध के बावजूद पतंगबाजी में चायना डोर हो रही उपयोग,प्रशासन खामोश

Kapurthala(Gaurav Maria):)लोहड़ी व बसंत पंचमी के नजदीक आते ही पतंग उड़ाने के शौकीन बड़ी स्तर पर पतंगें उड़ा कर अपना मनोरंजन करते हैं।चाहे कि बसंत पंचमी पांच फरवरी को होने के कारण पतंगें उडाने का सोंक पूरी तरह समूचे देश में गर्माया हुआ है।पिछले लंबे समय से ही देश अंदर बिक रहे चाईनामेड समान ने जहां भारत की अर्थ व्यवस्था को भी नुक्सान पहुंचाया था वहीं देश के प्रधानमंत्री नरिन्दर मोदी ने भी चिंतित हो कर चाईनामेड समान की बिक्री पर रोक लगा दी थी।लेकिन इस के बावजूद भी चाईना मेड समान भारत में बिक रहा है।यदि बात करें चाइना की बनी डरैगन चाईना डोर की तो यह डोर भारत में खतरनाक साबत हो रही है।लेकिन इस के बावजूद भारत में व खासकर पंजाब में यह चाइना डोर बिना भय से जोरों से बिक रही है।

इस चाइना डोर कों खतरनाक ढंग के साथ अलग-अलग संथैटिक केमिकल इस्तेमाल कर तैयार किया जाता है और पतंग उडाने के शौकीन एक दूसरे की पतंग काटने के लिए चाइना डोर को अपनी पहली पसंद मानते हैं।लेकिन कई बार पतंग के शौकीनों के लिए यह डोर उस समय भारी पड़ जाती है जब वह पतंग काटने के लिए इस डोर को खींचते हैं तब यह खतरनाक डोर उन के हाथों को काट कर हाथों को जख्मी कर देती है और जब यह डोर किसी राहगीर व्यक्ति के गले में पड़ जाए तब यह गले को भी काट देती है और हर साल इस डोर के साथ हादसे घट रहे हैं।जब कि इस डोर के साथ व्यक्ति ही नहीं यह डोर बेजुबान पक्षियों पर भी भारीपड़ जाती है क्योंकि यह डोर उन को भी अपनी चपेट में ले कर जख्मी ही नहीं करती बल्कि कई पक्षियों की मौत भी हो जाती है।चाहे कि राज्य में श्री अमृतसर साहब और फिरोज़पुर को पतंग उड़ाने में एक नंबर पर माना जाता है,लेकिन हर नौजवान ही बसंत पंचमी के दिनों में पतंग उड़ाते हैं और चाइना डोर ईस्तेमाल करते हैं।यदि आने वाले समय में चाइना डोर की बिक्री पर सख्ती से नकेल न लगाई गई तब इस के नतीजे भयानक होते रहेंगे।क्योंकि पाबंदी के बावजूद भी चाइना डोर जोरों से बिक रही है।

बुधवार को विश्व हिन्दू परिषद जालंधर विभाग के प्रधान नरेश पंडित,बजरंग दल के जिला प्रधान जीवन प्रकाश वालिया एवं वरिष्ठ नेता मोहित जस्सल ने बताया कि चाइना डोर से कई मौतें,हादसे हो चुके हैं और यह पक्षियों की जान के लिए भी घातक है।अक्सर राहगीरों की जान के लिए भी यह आफत है।विश्व हिन्दू परिषद सहित कपूरथला की कई संस्थाएं समय-समय पर सख्त एक्शन की मांग करती है फिर भी प्रशासन की अनदेखी दुकानदारों का लालच इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार है।उक्त नेताओं ने कहा कि चाईना के नाम पर देश में ही बनाई जा रही प्लास्टिक की इस डोर के कारण हर वर्ष अनेक हादसे होते हैं।इस डोर के गले में उलझने के कारण कई लोग घायल हो चुके है।पिछले साल भी पंजाब के अनेक शहरओ में बाइक सवार के गले में चाइना डोर फंसने से हादसे हुए है।पिछले वर्ष भी अधिक संख्या में बच्चे चाईना डोर के कारण घायल हुए थे।वहीं दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह डोर किसी तेजधार हथियार से किए गए वार का काम करती है,इससे लोगों को जान तक गंवानी पड़ती है।यही नहीं यह डोर पक्षियों के लिए बेहद घातक साबित हो रही है।

चाइना डोर में उलझने के कारण हर साल अनेक पक्षी अपनी जान गंवा देते हैं।इस डोर पर पाबंदी है,लेकिन इसके जनवरी से लेकर बसंत के त्यौहार तक इस डोर की बिक्री बड़े स्तर पर की जाती है।नरेश पंडित ने कहा कि शहर में पुलिस द्वारा चाइना डोर की खरीद,बिक्री, भंडारण,इस्तेमाल करने वाले सभी लोगों पर उक्त आदेशों अनुसार सख्त धाराएं लगाकर कार्रवाई नहीं की जाती।इस डोर को लेकर कई सामाजिक संस्थाएं स्कूलों में जाकर बच्चों को जागरुक भी कर रही है लेकिन इसका जागरुकता नहीं होने के कारण बच्चे व उनके परिजन भी ध्यान नहीं दे रहे है।शहर के अलग-अलग स्थानों की निगरानी की तो सामने आया कि लोग तथा बच्चे बेखौफ सार्वजनिक स्थलों पर चाईना डोर के साथ पतंगबाजी कर रहे हैं तथा शहर में चाईना डोर भी धड़ल्ले से बेची जा रही है।विश्व हिन्दू परिषद पंजाब सरकार जिला प्रशासन से मांग करती हैं कि चाईना डोर पर पाबंदी को सख्ती से लागू किया जाए।

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