भगवंत मान ने पंजाब के किसानों की तकदीर बदलने की वचनबद्धता दोहराई

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हथियारों का स्तुति करने की बजाय शांति और भाईचारे का संदेश फैलाएं : मुख्यमंत्री 
भगवंत मान ने पंजाब के हथियारों का स्तुति करने की बजाय शांति और भाईचारे का संदेश फैलाएं : मुख्यमंत्री 

Chandigarh(Sourabh Mittal):

राज्य के किसानों की तकदीर की बदलने का प्रण करते हुये पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आज कृषि को आर्थिक तौर पर टिकाऊ और मुनाफे वाला पेशा बनाने की अपनी सरकार की वचनबद्धता दोहराते हुये कहा कि इससे हमारी नौजवान पीढ़ी को इस पूर्वजों के पेशे को मान और सम्मान के साथ अपनाने की प्रेरणा मिलेगी।

आज यहाँ टैगोर थियेटर में करवाए एक समागम के दौरान आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कनवीनर और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल और तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव की हाज़िरी में भगवंत मान ने किसान आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों और गलवान घाटी के शहीदों को दिल की गहराईयों से श्रद्धाँजलि भेंट करते हुये कहा कि आज का यह समागम बहादुर सैनिकों के परिवारों और किसानों के प्रति हमारी अथाह श्रद्धा और सम्मान और ‘जय जवान, जय किसान ’ के नारे की भावना को सजीव करता है।
ज़िक्रयोग्य है कि तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चन्द्रशेखर राव ने अपने पंजाब और दिल्ली के समकक्ष के साथ इस समागम में विशेष के तौर पर किसान संघर्ष के दौरान जानें गंवाने वाले पीड़ित परिवारों और गलवान घाटी के शहीदों के परिवारों को तेलंगाना के लोगों की तरफ से तह-ए-दिल से श्रद्धा के फूल भेंट करते हुये क्रमवार 3लाख और 10 लाख की वित्तीय सहायता प्रति परिवार भेंट की।

पिछली सरकारों की लीडरशिप की तीखी आलोचना करते हुये भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने अपनी संकुचित सोच स्वरूप और बुरे रवैये के कारण किसानों के हितों को शुरू से अनदेखा किया है। उन्होंने कहा कि यह त्रासदी है कि पंजाब का किसान जिसकी ज़मीन सारी दुनिया में सबसे अधिक उपजाऊ है और दूसरे हिस्सों और दुनिया के अन्य क्षेत्रों के मुकाबले विभिन्न तरह की फसलों की अधिक उपज के बावजूद वह अत्यधिक गरीबी सहन कर रहे हैं। इस कारण उसे दो समय की रोटी नसीब होना भी कठिन है, जबकि बाहर के मुल्कों के किसान जिनके पास बहुत ही कम उपजाऊ ज़मीन है और उनको खेती करने के लिए कई तरह की मौसमी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है परन्तु वह बढ़िया और सुविधाजनक ज़िंदगी व्यतीत कर रहे हैं। उन्होंने पिछली सरकारों की लीडरशिप को चुनौती देते हुये पूछा कि “उन्होंने किसानों की भलाई और सर्वपक्षीय विकास के लिए क्या पहलकदमियां की हैं, जिस कारण कृषि धंधा कम मुनाफे और ज्यादा खर्चे वाला होने के कारण वह कर्ज़े के जाल में बुरी तरह फंसते गए।“

भगवंत मान ने आगे कहा कि उनकी सरकार ने पद संभालने से अब तक बड़ी मुश्किल से दो महीनों में किसानों की भलाई के लिए कई मिसाली कदम उठाए हैं, जिनमें मूँग की काश्त को उत्साहित करने के लिए उसे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदने, धान की सीधी बुवाई के लिए 1500 रुपए प्रति एकड़ देने के इलावा फ़सलीय विभिन्नता के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने चिंता प्रकटाते हुये कहा कि पिछली सरकारों ने हमारे किसान को अन्नदाते से भीखारी बना दिया है और हमारी सरकार इसको फिर इसका अन्नदाते का छिन चुका रुतबा दिलाने में हर संभव कोशिश करेगी। उन्होंने कहा, “मेरी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता किसानी का न केवल कर्ज़ माफ करना, बल्कि उनको कर्ज़ मुक्त करना है जिससे वह अपने पैरों पर खड़े हो सकें।“

दिल्ली की सीमा पर किसान संघर्ष के दौरान शहीद हुए किसानों के पीड़ित परिवारों के साथ दुख सांझा करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि हम आपके प्यारों को वापस तो नहीं ला सकते और न ही दुनिया की किसी करैंसी से इस अपूर्णीय घाटे की भरपाई जा सकती परन्तु फिर भी इस दुख की घड़ी में हम उनके साथ खड़े हैं। गलवान घाटी के शहीदों के परिवारों के साथ हमदर्दी प्रकट करते हुये भगवंत मान ने कहा कि उनकी शहादत को किसी भी सूरत में अनदेखा नहीं जा सकता क्योंकि उनकी तरफ से अनेकों दिक्कतें सहन करके हम अपने-अपने घरों में चैन की नींद सोते हैं, जब वह जैसलमेर जैसे इलाकों में 50 डिग्री की असहणीय गर्मी और माईनस 20 से 25 डिग्री जैसे तापमान में कारगिल जैसे बर्फ़ीले मौसम में ड्यूटी निभा रहे होते हैं।

      किसान आंदोलन के दौरान अपनी जानें गंवाने वाले किसानों और शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली की स्कूली शिक्षा, स्वास्थ्य क्षेत्र का बुनियादी ढांचा, मोहल्ला क्लीनिक और सस्ते दरों पर निर्विघ्न बिजली देने का माडल किसी भी राज्य या देश के लिए अब विकास के विश्व प्रसिद्ध मॉडल के तौर पर उभरा है। केजरीवाल ने कहा कि निःसंदेह पंजाब जल्दी ही प्रगतिशील कृषि तजुर्बों और अमलों पर आधारित विलक्षण कृषि मॉडल लाने के लिए अग्रणी राज्य बन जायेगा जिससे किसानी पृष्टभूमि वाले मुख्यमंत्री भगवंत मान के दूरदर्शी नेतृत्व अधीन फ़सलीय विभिन्नता पर ज़ोर दिया जा सके। उन्होंने कहा कि भगवंत मान ने पहले ही कृषि सैक्टर को शिखरों की तरफ ले जाने के लिए कुछ किसान समर्थकी कदम उठा कर इसकी तरफ विनम्र सी शुरुआत कर दी है। श्री केजरीवाल ने भरोसा ज़ाहिर करते हुये कहा कि पंजाब की तर्ज़ पर कृषि के इस नवीनतम माडल को देश के अन्य राज्यों की तरफ से भी अपनी कृषि आर्थिकता को सुधारने के लिए लागू किया जायेगा।

किसानों के साथ एकजुटता दिखाते हुए केजरीवाल ने कहा कि केंद्र की तरफ से उनकी सरकार पर किसान आंदोलन को रोकने के लिए दिल्ली के सभी स्टेडियमों को खुली जेलों में तबदील करने के लिए बहुत दबाव डाला जा रहा था जिससे काले कृषि कानून के विरुद्ध संघर्ष के दौरान किसानों को जेलों में डाला जा सके। उन्होंने कहा कि वह किसी भी जन आंदोलन की महत्ता को अच्छी तरह जानते हैं क्योंकि वह ‘‘अन्ना आंदोलन’’ में भी अग्रणी थे और इसलिए केंद्र सरकार के दबाव में झुके नहीं।

इस मौके पर पीड़ित किसानों और गलवान घाटी के शहीदों को श्रद्धांजलि भेंट करते हुए तेलंगाना के मुख्यमंत्री के. चन्दरशेखर राव ने कहा कि दुख की घड़ी में इन परिवारों की सहायता करना उनकी सरकार की दृढ़ वचनबद्धता थी। इस मौके पर राव ने अफ़सोस ज़ाहिर किया कि उनको इस नेक कार्य के लिए बहुत पहले आना चाहिए था परन्तु विधान सभा की चुनावी प्रक्रिया के दौरान पंजाब में चुनाव आचार संहिता के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका।

किसानों को केंद्र से संवैधानिक गारंटी के साथ सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य समेत कुल माँगों के लिए अपना आंदोलन फिर शुरू करने का न्योता देते हुये राव ने कहा कि अब यह संघर्ष सिर्फ़ पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए बल्कि बाकी राज्यों के सभी किसानों को चाहिए कि वह केंद्र से उनकी माँगों को स्वीकृत करवाने के लिए सक्रियता से आगे आएं। उन्होंने कहा कि ऐसे संघर्ष देश भर के किसानों की भलाई और खुशहाली को यकीनी बनाने का मूल आधार हैं। उन्होंने साल 2014 से उनके सत्ताकाल में राज्य की स्थापना के बाद फ़सलीय विभिन्नता को उत्साहित करने, कृषि सैक्टर में मुफ़्त बिजली और किसानों के सर्वपक्षीय विकास के इलावा सभी वर्गों के खपतकारों के लिए 24 घंटे बिजली यकीनी बनाने के लिए अपनी सरकार द्वारा की महत्वपूर्ण पहलकदमियों पर भी संक्षिप्त में रौशनी डाली। राव ने कृषि सैक्टर में बिजली मीटर लगाने के केंद्र के कदम का स्पष्ट तौर पर विरोध करते हुये कहा, “हम पहले ही अपने राज्य की विधान सभा में एक प्रस्ताव पास कर चुके हैं कि तेलंगाना सरकार किसान भाईचारे के बड़े हित में ऐसा नहीं करेगी।

इस मौके पर तेलंगाना के मुख्यमंत्री ने अरविन्द केजरीवाल और भगवंत मान के साथ मिलकर पंजाब के 24 किसान परिवारों और हरियाणा के 5 किसान परिवारों को 3-3 लाख रुपए के चैक और गलवान घाटी के शहीदों के 4 परिवारों को 10-10 लाख रुपए के चैक मंच से संकेतक रूप में सौंपे। उन्होंने किसानों और शहीदों के दुखी परिवारों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल घड़ी में पूरा देश उनके साथ है। इस दौरान पंजाब के 543 पीड़ित किसानों के परिवारों के इलावा हरियाणा के 150 किसान परिवारों और गलवान घाटी के 5 शहीद परिवारों को उनके नोडल अफसरों के द्वारा चैक दिए गए।

इस मौके पर दूसरों के इलावा तेलंगाना के कैबिनेट मंत्री वी. प्रसंथ रैडी और संसद मैंबर नामा नागेशवर राव, भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय नेता राकेश टिकैत, तेलंगाना के मुख्य सचिव सोमेश कुमार, पंजाब के मुख्य सचिव अनिरुद्ध तिवारी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव ए. वेणू प्रसाद के अलावा तेलंगाना के मुख्यमंत्री के साथ आए कई विधायक भी उपस्थित थे।

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