क्या यही है भगवंत मान और केजरीवाल का दिल्ली मॉडल? : अश्विनी शर्मा

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क्या यही है भगवंत मान और केजरीवाल का दिल्ली मॉडल? : अश्विनी शर्मा
क्या यही है भगवंत मान और केजरीवाल का दिल्ली मॉडल? : अश्विनी शर्मा

Chandigarh(Sourabh Mittal):

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष अश्वनी शर्मा ने कहा कि पंजाब में नई सरकार बने हुए अभी 15 दिन ही हुए हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 30 मार्च तक बाजार से 3500 करोड़ रुपये का कर्ज ले लिया है। शर्मा ने कहा कि क्या केजरीवाल तथा भगवंत मान का दिल्ली मॉडल यही है? उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की आर्थिक स्थिति इतनी दयनीय है कि आम आदमी पार्टी की मौजूदा सरकार को समझ नहीं आ रहा कि वह क्या करे? शर्मा ने कहा कि जब भगवंत मान विपक्ष में थे, तो अक्सर बड़े-बड़े भाषण देकर कहते थे कि खजाना खाली नहीं होता, खाली सिर्फ पीपा होता है। शर्मा ने सवाल किया कि भगवंत मान अब खाली खजाने को भरने की बजाय बाजार से कर्ज क्यूँ ले रहे हैं?

आपको बता दें कि पंजाब इस समय 3 लाख करोड़ रुपये का कर्जदार है। भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अब तक अपने खर्चे को पूरा करने के लिए 3500 करोड़ रुपये का कर्ज ले चुकी है। मौजूदा पंजाब सरकार ने इससे पहले 16 मार्च को बाजार से 1,500 करोड़ रुपये कर्ज लिए थे। उसके बाद 23 मार्च को शहीद भगत सिंह की शहादत दिवस वाले दिन भगवंत मान सरकार ने 1000 करोड़ रुपये का कर्ज 7.19 फीसदी की ब्याज दर पर 20 साल के लिए लिया है। उसी दिन एक और 1000 करोड़ रुपये का कर्ज 7.41 फीसदी की अलग ब्याज दर पर वहीं 20 साल के लिए लिया गया है। यह कर्ज सरकार को 2042 तक चुकाना है।

अश्वनी शर्मा ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने पंजाब के लोगों को बेवकूफ बनाने और विधानसभा चुनाव जीतने के लिए बहुत से मुफ्त के बड़े-बड़े वादे किए थे। शर्मा ने कहा कि भगवंत मान पंजाब सरकार चलाने के लिए कर्ज उठाने की बजाय दिल्ली मॉडल लागू क्यूँ नहीं करते? जो कि केजरीवाल और भगवंत मान ने बार-बार दिल्ली मॉडल को पंजाब में लागू करने की बात करते थे! भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार जिस रफ्तार से कर्ज ले रही है, उसे देखते पंजाब के लिए आने वाले दिनों बहुत बड़ी मुश्किलें कड़ी होने वाली है।

अश्विनी शर्मा ने कहा कि पिछली पंजाब सरकार ने फरवरी 2022 तक पहले कर्ज पर 12,722 करोड़ रुपये ब्याज दिया था। जिस प्रकार भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार बाज़ार से कर्ज ले रही है, उससे लगता है कि जल्द ही पंजाब दिवालिया होने की कगार तक पहुँच जाएगा।

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