राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने सेंट्रल, बोरस्टल और महिला जेलों का दौरा किया

* कैदियों की शिकायतें और समस्याएं दर्ज करने के लिए ‘शिकायत रजिस्टर’ (Complaint Register) रखने का सुझाव दिया।
 * खाने की गुणवत्ता में और सुधार करने पर जोर दिया।

लुधियाना, 20 सितंबर (हरीश):
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के स्पेशल मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल ने अपने निर्धारित दौरे के तहत लुधियाना की सेंट्रल जेल, बोरस्टल जेल और महिला जेल का विशेष दौरा किया।
इस दौरे के दौरान जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी वरिंदर सिंह टिफाना, जिला बाल सुरक्षा अधिकारी रश्मी और जिला प्रशासन के अन्य अधिकारी भी मौजूद थे।
जेलों के दौरे के दौरान, स्पेशल मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल ने खान-पान की सुविधाओं की समीक्षा की और कैदियों के कल्याण को लेकर तीनों जेलों के अधीक्षकों के साथ विस्तार से चर्चा की। बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, “सबसे पहले, जेल के अंदर जितने भी छोटे-छोटे सुधार हैं, उन्हें जरूर करें और खाने की गुणवत्ता को और बेहतर बनाया जाए। इसके अलावा, स्किल डेवलपमेंट (कौशल विकास) के कोर्स, खासकर बोरस्टल जेल के बच्चों को अनिवार्य रूप से कराए जाएं।” उन्होंने आगे कहा कि महिला कैदियों को अचार बनाना, मेहंदी लगाना और अन्य व्यावसायिक (वोकेशनल) ट्रेनिंग दी जानी चाहिए ताकि वे जेल से बाहर जाने के बाद अपना खुद का रोजगार कमाने के योग्य बन सकें।
उन्होंने कैदियों से उनके परिवार से मुलाकात और जमानत में देरी जैसी समस्याओं के बारे में भी बातचीत की और जेल प्रशासन को निर्देश दिए कि इन छोटी-मोटी परेशानियों का तुरंत समाधान किया जाए।
स्पेशल मॉनिटर बाल कृष्ण गोयल ने जेल प्रशासन को सुझाव दिया कि जेल के अंदर हर महीने एक शिकायत रजिस्टर रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कैदी अपनी शिकायतें या समस्याएं उस रजिस्टर में दर्ज करें।
इसके बाद, उन्होंने दोराहा में बाल गृह का दौरा किया और बच्चों की काउंसलिंग की। उन्होंने दोराहा के हेवनली पैलेस स्थित वृद्धाश्रम का भी दौरा किया, बुजुर्गों का हाल-चाल जाना और वहां के स्थानीय स्टाफ से मिलकर खान-पान की सुविधाओं की समीक्षा की।

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