थम सकता है सुरेश चंदेल का राजनितिक सफर

Shimla- Jiten thakur

हिमाचल कांग्रेस में भारी विरोध के चलते भाजपा से कांग्रेस में विलय कर गए सुरेश चंदेल का टिकट रुक गया है | सुरेश चंदेल हमीरपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद रहे हैं ऐसे में कण अब भाजपा में दाल न गलती देख उन्होंने कांग्रेस का रुख किया था | बीते कल उनकी सिर्फ रजनी पाटिल से ही मुलाक़ात हो सकीय | हिमाचल के कई नेताओं ने जैसे ही विरोध स्वर तेज किये , राहुल गाँधी ने उनसे मुलाक़ात ताल दी | अब सुरेश चंदेल के साथ मुलाकात शुक्रवार शाम या शनिवार को होगी | शनिवार को ही कांग्रेस हिमाचल के प्रत्याशियों की घोषणा भी करेगी |

वास्तव में सांसद होते हुए सुरेश चंदेल एक स्टिंग में फंसे थे | एक न्यूज चैनल ने उन्हें लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछने के लिए पकड़ा था जिसके बाद भाजपा ने उनसे इस्तीफ़ा ले लिया था | उसके बाद 2012 के विधानसभा चुनावों में, सुरेश चंदेल को बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था लेकिन वह हार गए थे | कांग्रेस के बंबर ठाकुर ने उन्हें भरी बहुमत से हराया था | गौर करने बाली बात है कि कांग्रेस ने उस समय भी पैसे लेकर प्रश्न पूछने के मुद्दे को भुनाया था |

सुरेश चंदेल बारे हमेश ही कांग्रेस पैसे लेकर प्रश्न पूछे जाने के मुद्दे को हवा देती आई hai, ऐसे में कांग्रेस के कार्यकर्ता भी पूछने लगे थे कि अब सुरेश चंदेल को कांग्रेस अपना प्रत्याशी बनाने जा रही है तो क्या ये दाग धुल जायेंगे | इसी के चलते बिलासपुर से ही व्विरोध की ज्वाला मुखर हुई | पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर सहित कई नेताओं ने कहा की अगर सुरेश चंदेल को उनकी पार्टी कांग्रेस का टिकट मिलता है तो वह वोट नहीं देंगे बल्कि चंदेल को काले झंडे दिखाएंगे |

बिलासपुर के पूर्व विधायक बम्बर ठाकुर खुद को कई महीनों से हमीरपुर संसदीय सीट के लिए प्रत्याशी के टूर पर दिखाने की कोसिस करते आये हैं | इसी के चलते जब बम्बर ठाकुर का नाम पैनल में आया ही नहीं तो उनके गुस्से की जवाला भी फूट पड़ी | घुमारवीं के पूर्व विधायक राजेश धर्माणी भी खुद के लिए हमीरपुर संसदीय सीट से टिकट चाहते थे ऐसे में अंदर खाते धर्माणी भी सुरेश चंदेल के आने से खुस नहीं हैं | सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने भाजपा के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार प्रेम कुमार धूमल को हराकर पार्टी में बड़ी जगह बनाई है ऐसे में वह भी इसका इनाम चाहते थे | राणा अपने बेटे के लिए हमीरपुर संसदीय सीट से कांग्रेस का टिकट चाहते थे | हालाँकि कांग्रेस के पैनल में इन तीनों को ही जगह नहीं मिली लेकिन अगर अब चंदेल टिकट ले भी आएं तो क्या ये तीनों अपने अपने क्षेत्र में उनका समर्थन कर पाएंगे ..?

वास्तव में हमीरपुर सीट के लिए कांग्रेस दो उम्मीदवारों को सबसे मजबूत मान रही है , कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुखविंदर सुखु और पूर्व मंत्री मुकेश अग्निहोत्री | लेकिन ये दोनों ही नेता अपनी जमीन छोड़कर नई जमीन तलासना नहीं चाहते | इसी के चलते ऊना से रायजादा को इस सीट के लिए भेजने की पैरवी की जा रही है | रायजादा ने ऊना से भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सत्ती को हराया था |

सुरेश चंदेल का पार्टी में भारी विरोध के चलते फिलहाल पार्टी ने उनकी ताजपोशी पर ब्रेक लगा दी है | अब इस बारे शनिवार को ही निर्णय होगा | लेकिन यहां से सुरेश चंदेल के चुनावी सफर पर भी ब्रेक लग सकती है | क्यूंकि एक तरफ भाजपा में अब उनके लिए रस्ते बंद होते दिख रहे हैं ऐसे में अगर कांग्रेस ने भी उन्हें अब टिकट नहीं दिया तो शायद उनका राजनितिक सफर यहीं थम सकता है , क्यूंकि हिमाचल में तीसरे मोर्चे को कभी जगह नहीं मिल पाई है |

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