जयराम ठाकुर की सूझबूझ से एकजुट होगी भाजपा

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विधानसभा उपचुनाव से पहले कांगड़ा में मचे सियासी घमासान की ज्वाला शांत करने के लिए धवाला को 15 दिन तक चुप रहने को कहा गया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के आश्वासन के बाद धवाला संबंधित मामले पर कुछ भी टिप्पणी करने से तो बचते रहे, लेकिन उन्होंने यह स्पष्ट कर दिया कि 15 दिन के भीतर मुख्यमंत्री ने सारा मामला क्लीयर कर लेने की बात कही है, अन्यथा वह चुप रहने वाले नहीं है। धवाला का गुस्सा शांत नहीं हुआ है, हालांकि दूसरी ओर धवाला विरोधी ज्वालामुखी भाजपा ने भी सियासी हथियार तेज कर दिए हैं।
योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष रमेश धवाला को अब 15 दिन तक चुप्पी साधने के आदेश दिए हैं, लेकिन वह चुप बैठते दिख नहीं रहे। बिगड़े हालात के चलते ज्वालामुखी के धवाला विरोधी भाजपा कार्यकर्ता भी किसी सूरत में शांत होते नहीं दिख रहे हैं। कार्यकर्ताओं के मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद कार्यकर्ता इस बात को लेकर गुस्सा हैं कि क्या अब मुख्यमंत्री से मिलने को भी किसी अन्य नेता से अनुमति लेनी पड़ेगी। वहीं, रमेश धवाला न बोलते हुए भी सब कुछ कह जाते हैं।

दूसरी तरफ इंदु गोस्वामी ने महिला मोर्चा अध्यक्ष पद से इस्तीफ़ा देकर पार्टी के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं । इंदु के इस्तीफे से जाहिर है कि पार्टी से उनकी नाराजगी बहुत आगे बढ़ गई है । विधानसभा उपचुनाव से पहले अगर इंदु की नाराजगी दूर नहीं होती ,तो पार्टी के लिए कांगड़ा में कुछ मुश्किल तो हो सकती है ।

सोमवार को धर्मशाला के तपोवन विधनसभा भवन पहुंचे रमेश धवाला को जब मीडिया ने घेरा, तो उन्होंने कहा कि अब वह 15 दिन तक कुछ नहीं कहेंगे। मुख्यमंत्री ने उन्हें 15 दिन के भीतर सारे मामले हल करने का आश्वासन दिया है। हालांकि उनकी ज्वाला शांत नहीं है। उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री का सम्मान करते हैं। उन्हें उम्मीद है कि मामला जल्द हल हो जाएगा और वह पूर्व की तरह ही कार्य करेंगे। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपनी सूझबूझ से इन सभी मामलों को सुलझा कर पार्टी को एकजुट कर लेंगे ।


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