कांग्रेस को पटखनी देगी युवा भगवा ब्रिगेड

Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •  

कांग्रेस को पटखनी देगी युवा भगवा ब्रिगेड

( जितेन ठाकुर -हिमाचल )
हिमाचल प्रदेश मे चुनावी वर्ष है, ऐसे मे सभी पार्टियाँ अपनी जीत हार के फ़ॉर्मूले को आज़माने की कोसिस मे हैं | एक तरफ कांग्रेस की युवा ब्रिगेड के कुछ विधायकों ने अपनी ओछी हरकतों से पार्टी की किरकिरी कराई तो दूसरी तरफ भगवा युवा ब्रिगेड लोगों को भा रही है | बिलासपुर के विधायक बंबर ठाकुर आए दिन किसी न किसी अधिकारी से उलझते रहते हैं, ऐसे मे हर ब्यक्ति अपनी निजी सोच को उस अधिकारी के समक्ष रखकर सोचता है , क़ि यही कुछ उनके साथ भी हो सकता है | दूसरी तरफ कांगड़ा जिले से नीरज भारती अपनी सोसल मीडिया पर ऐसी फूहड़ भाषा का प्रयोग करते हैं, कि शायद कोई परिवार के साथ बैठकर ऐसी भाषा पढ़ भी नही सके |
भाजपा की युवा ब्रिगेड मे बहुत से ऐसे चेहरे हैं जो इस बार कांग्रेस को पटखनी देने को मानो तैयार बैठे हैं | बैसे तो हर पार्टी मे कई युवा चेहरे होते हैं, अच्छे लोग भी होते हैं और निजी अपेक्षाओं से भरे लोग भी होते हैं | समय ही इस बात का सही प्रकार से निर्णय कर पाता है, कि कोई जनता की कसौटी पर कितना खरा उतरा है | लेकिन नेगेटिव वोट से इस बार कांग्रेस को ही नुक्षान होता दिखाई दे रहा है, तो भाजपा युवा चेहरों को आगे कर अपनी जीत सुनिश्चित कर सकती है |
सुरेंद्र शौरी ….

सुरेंद्र शौरी- कुल्लू जिले के बंजार क्षेत्र से बहुत ही चर्चित चेहरा है | समाज सेवा से लंबे समय से जुड़े रहने के कारण बंजार ही नही कुल्लू जिले मे शायद कोई ही ऐसा सख्श हो जो इस चेहरे को नही पहचानता हो | हमेशा हँसमुख सी प्रवृति बाला सुरेंद्र शौरी सुवह से लेकर शाम तक पहाड़ों की दूरी नापते नापते दिन गुज़ार देता है | भाजपा से भी लंबे समय से इनका नाता रहा है | राजनीति मे जिला परिषद चुनाव इन्होने बड़ी ही आसानी से जीत लिया | अगर पार्टी इन पर भरोसा जताए, तो इनकी टक्कर कांग्रेस के कदावर मंत्री कर्ण सिंह से हो सकती है | बेसक एक मंत्री और जिला परिषद के नुमायंदे मे ज़मीन -आसमान का अंतर होता है, लेकिन कर्ण सिंह पर यह भारी नही बहुत भारी पड़ सकते हैं | सर्वे रिपोर्ट के अनुसार सुरेंद्र शौरी के लिए कर्ण सिंह चुनौती हैं ही नही | कांग्रेस की तरफ से उनकी नुमायंदगी कर्ण सिंह को ही करनी है, क्यूंकी बह जीते हुए प्रत्याशी हैं | कर्ण सिंह कुल्लू के राजघराने से संबंध रखते हैं, पहले भाजपा मे मंत्री थे और अब कांग्रेस के मंत्री हैं | बह कुल्लू क्षेत्र मे रहते हैं ,जबकि चुनाव बंजार क्षेत्र से लड़ते हैं, जबकि सुरेंद्र शौरी बंजार क्षेत्र के ही हैं और पूरा दिन यहीं के लोगों के संग गुज़ारते हैं, यही उनकी जीत का सबसे मुख्य कारण बन सकता है | सुरेंद्र शौरी को चुनौती कांग्रेस की पूर्व मंत्री सत्या प्रकास ठाकुर से हो सकती है, यह उनका भी चुनाव क्षेत्र रहा है, लेकिन कुछ समय से बह सक्रिय राजनीति मे हिस्सा नही ले रहे हैं |

महेंद्र सिंह धर्मानी ….

महेंद्र सिंह धर्मानी -बिलासपुर जिले के घुमारवीं से संबंध रखने बाले स्वच्छ छवि के धनी इस बार कांग्रेस के बड़े चेहरे को पटखनी दे सकते हैं | यह सीट कांग्रेस के पास पिछले 10 वर्षों से है, राजेस धर्मानी इस सीट पर लगातार काबिज हैं | राजेस धर्मानी भी स्वच्छ छवि के कारण भाजपा के हर प्रत्याशी को पटखनी देते आए हैं | लेकिन इस बार मुद्दा बदलने बाला है, क्यूंकी छवि के मामले मे दोनो ही बराबरी पर हैं | भगवा ब्रिगेड के महेंद्र सिंह धर्मानी अध्यापक रहे हैं, संघ की सेवा करने के लिए इन्होने अपनी सरकारी नौकरी छोड़ दी थी | समाज सेवा मे भी इनका बड़ा योगदान है, लंबे समय से एक संस्था के माध्यम से समाज सेवा से जुड़े हैं | महेंद्र सिंह धर्मानी हँसमुख चेहरे के धनी है ,ईमानदार हैं और लोगों की मदद करने की छवि बना चुके हैं | विकास के मुद्दे पर मौजूदा विधायक फिसड्डी रहे हैं, राजेस धर्मानी पार्लियामेंट सेक्रेटरी हैं ,लेकिन पार्टी मे चली खींचतान के केंद्र मे रहने से, यूँ लगता है क़ि विकास नामक शव्द इनसे कहीं दूर छूट गया | 10 वर्षों मे बह कुछ ख़ास नही कर पाए, बही कुछ काम हुए जो आमतौर पर हर जगह होते रहे हैं | इसका पूरा फ़ायदा महेंद्र सिंह धर्मानी को मिलना संभव है | महेंद्र सिंह धर्मानी लगातार लोगों के बीच रह रहे हैं ,साथ ही अधिकतर समय ज़रूरतमंद लोगों की मदद करते रहते हैं, यह उनके लिए सबसे अच्छी बात रहने बाली है | सर्वे के अनुसार भी महेंद्र सिंह धर्मानी इस सीट पर सबसे मजबूत प्रत्यासी हैं | अगर भाजपा इनपर भरोसा जताए तो ये कांग्रेस के किले को फ़तह कर सकते हैं |

नरेंद्र अत्रि ….

लंबे समय से भाजपा से जुड़े, मिलनसार और हँसमुख प्रवृति के धनी नरेंद्र अत्रि किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं | लंबे समय से प्रदेश मे युवा मोर्चे की कमान को संभाल, राष्ट्रीय युवा मोर्चा के सचिव पद तक पहुँचे हैं | प्रदेश मे ख़ासकर युवा शक्ति से उनका गहरा जुड़ाव है | लंबे समय से पार्टी की सेवा करने के बाद भी उनकी निजी अपेक्षाएँ नहीं जागी, यही उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि भी मानी जाती रही है | नरेंद्र अत्रि ने कोई चुनाव नही लड़ा है, न ही पार्टी लीक से हटकर कोई गुटबाजी की | उनका गृहक्षेत्र धरमपुर है, लेकिन उन्हे कहीं से भी प्रताशी बनाया जा सकता है | लंबे समय से युवा मोर्चे से जुड़े रहने के चलते बह एक ख़ास पहचान अपने नाम कर चुके हैं | बेसक यह ज़रूरी नही क़ि पार्टी उन्हे  चुनाव लड़ाए , युवा मोर्चा मे पहचान रखने बाले नरेंद्र अत्रि को कोई बड़ी ज़िम्मेदारी भी सौंपी जा सकती है | लेकिन यह कांग्रेस के किसी भी कद्दाबर नेता से टक्कर ले सकते हैं इसलिए नरेंद्र अत्रि को इस बार भाजपा किसी न किसी सीट से उतार सकती है |

प्रवीण शर्मा

मंडी जिले से ताल्लुक रखने बाले प्रवीण शर्मा लंबे समय से पार्टी के युवा प्रहरी हैं | मंडी मे युवा शक्ति के प्रचायक , तेज तरार और शांतिप्रिय प्रवीण शर्मा किसी पहचान के मोहताज नही हैं | कई वर्षों से पार्टी सेवा मे लगे प्रवीण शर्मा को इस बार कोई बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी जा सकती है | मंडी सीट लंबे समय से कांग्रेस के कब्ज़े मे है | कांग्रेस के मंत्री अनिल शर्मा इस सीट से लगातार जीतते आए हैं | प्रदेश का मुख्य शहर होने के बाद भी मंडी मे कोई उच्च तकनीक की सुविधा आज तक नही है | सर्वे की तरफ ध्यान दें तो प्रवीण शर्मा का ग्राफ कुछ बढ़ा हुआ है | अगर पार्टी उनपर भरोसा कर उन्हे प्रत्याशी बनाती है तो बह इस कांग्रेस के इस किले को फ़तेह कर सकते हैं | बेसक प्रवीण शर्मा के नाम कोई लंबा चौड़ा राजनीतिक इतिहाश नही हो, लेकिन पार्टी के लिए बह इतिहाश लिख ज़रूर सकते हैं |

प्रज्वाल वसटा

प्रज्वाल वसटा एक ऐसा युवा चेहरा है, कि जिस उम्र मे लोग खेल कूद मे मस्त रहते हैं उस उम्र मे इन्होने राजनीतिक राहों मे मील के पत्थर गाढ दिए | सबसे कम उम्र मे इन्होने न सिर्फ़ बीडीसी चुनाव जीता बल्कि भारत की सबसे कम उम्र की चेयरपर्शन भी बनी | हमेशा चेहरे पर मुस्कान बिखेरने बाली प्रज्वाल वसटा सबकी चहेती बनी हुई हैं | राजनीति का बेसक बहुत अधिक अनुभव नही हो, लेकिन लोगों के बीच ऐसे घुल मिल जाती हैं, मानो घर की ही बेटी हो | इसी तेज तरारी के चलते प्रज्वाल वसटा किसी भी राजनीतिक महारथी पर भारी पड़ सकती है | अगर भाजपा उन पर भरोसा करके उन्हे मौका देती है तो बह जीत को सुनिश्चित करने मे सफल हो सकती हैं |

 

 

 

 

 

कुल मिलाकर यही कह सकते हैं, कि प्रदेश मे नई शक्ति जागृत हो रही है, जिसमे कांग्रेस से कहीं बढ़कर ,युवा भगवा ब्रिगेड इन चुनावों मे कई दिग्गजों को पटखनी देने को आतूर है |


Spread the love
  •  
  •  
  •  
  •